
@anmol-kahaniya
विश्व की अनमोल कहानियाँ आपको सात समंदर पार की सैर कराती हैं। दुनिया भर की उन सर्वश्रेष्ठ कहानियों का हिंदी अनुवाद पढ़िए, जिन्होंने पीढ़ियों से पाठकों को मंत्रमुग्ध किया है।
बोस्टन की एक नन्हीं बच्ची को बस भागने की धुन सवार रहती थी। वो गलियों में दौड़ती, वो धूल भरे ढेरों तक जाती, वो तब तक भागती रहती, जब तक गुम न हो जाए। उसके चंचल पैरों को रोकने के लिए, माँ-बाप ने उसे सोफे से बांध दिया। लेकिन, वे उसके मन की उड़ान को कैद नहीं कर पाए। चारदीवारी में बंद होकर भी, उसने भाग निकलने का एक नया और अनोखा रास्ता ढूँढ ही लिया।
प्राइवेट डक तो ख़बरी था, पर धोखे से दुश्मनों के फंदे में आ गया। लगातार तीन तड़पाने वाले दिनों तक, वह एक पत्थर के पीछे दबा पड़ा रहा। जब घोर निराशा छा गई, तो उसने आखिर में सब खत्म करने के इरादे से दुश्मनों पर हमला कर दिया। पर जब होश आया, तो वह वहाँ से दूर एक ठंडी नदी में पड़ा था। वह किसी तरह वापस अपने कैंप पहुँचा। वहाँ का माहौल देखकर उसका दिमाग ही घूम गया। यह उस फौजी की कहानी है जो लड़ाई से तो बच निकला, पर सच्चाई की मार नहीं झेल पाया।
मिस्टर होल्ट अपनी टूटी शादी का गम भुलाने शहर से दूर निकल गए। उन्हें रास्ता तो सुनसान मिला, पर दिल को सुकून नहीं मिला। एक अजीब सी लाल रोशनी उनके पीछे लग गई। वो बाएँ मुड़े, वो दाएँ मुड़े, वो पीछे पलटे। मगर, परछाईं हमेशा उनके आगे थी, और वो जलती रोशनी हमेशा उनके पीछे। यह उस आदमी की कहानी है जो जान-बूझकर खो जाना चाहता था, पर उसे वो मुसीबत मिली जिसे पता था कि उसे कहाँ ढूँढना है।
दो जिगरी दोस्तों ने एक पक्की कसम खाई थी। वादा था ठीक बीस साल बाद, उसी जगह दोबारा मिलने का। एक दोस्त सोना कमाने पश्चिम की तरफ निकल गया, तो दूसरा अपनी राह बनाने वहीं रुक गया। आज, एक बरसाती रात में, अंधेरे दरवाज़े की चौखट पर एक आदमी खड़ा इंतज़ार कर रहा है। वह अपनी ज़ुबान का पक्का था, इसलिए हज़ारों मील का सफर करके आया है। यह कहानी है एक वादे के भारी-भरकम बोझ की, और उस गहरे राज़ की कि उस घने कोहरे को चीरकर कौन बाहर आएगा... या शायद कोई आएगा ही नहीं।
पेटन फ़ार्कवर एक पुल पर खड़ा है, उस पल के इंतज़ार में जब पैरों के नीचे से तख्ता हटेगा और ज़िंदगी हाथ से छूट जाएगी। लेकिन जैसे ही तख्ता गिरता है, एक चमत्कार होता है। रस्सी टूट जाती है। वह धड़ाम से नदी में जा गिरता है। गोलियों से बचते-बचाते और जंगल को चीरते हुए, वह अपनी बीवी के पास पहुँचने के लिए बेतहाशा भागता है। लेकिन उसे हर चीज़ अजीब तरह से साफ़ महसूस हो रही है। इस दिमाग घुमा देने वाली कहानी में, पढ़ने वाले को यह तय करना है कि—क्या पेटन फाँसी से बच निकला, या फाँसी उस तक पहुँच गई।
आपको लगता होगा कि राह चलते किसी से माचिस मांगना कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन एक आदमी के लिए यह 'माचिस की तलब' एक कभी न खत्म होने वाली मुसीबत बन गई। जब एक शरीफ से दिखने वाले सज्जन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया, तो फिर शुरू हुआ तमाशा। उसने ऊपर की जेब देखी, नीचे की जेब टटोली, अंदर की जेब खंगाली... पर माचिस थी कि मिल ही नहीं रही थी। देखते ही देखते, उस अजनबी ने एक छोटी सी मदद को... एक हँसाने वाले, पर सिर दुखा देने वाले बवाल में बदल दिया।
लेवनवर्थ जा रही ट्रेन में, एक महिला को अपना पुराना दोस्त मिला जो एक सख्त मिज़ाज अजनबी के साथ हथकड़ी में जकड़ा था। वे दोनों अजनबी सिर्फ़ एक सीट ही शेयर नहीं कर रहे थे, बल्कि उनके बीच एक गहरा राज़ और लोहे की एक बेड़ी भी थी। बातों-बातों में, एक खूबसूरत झूठ बोला गया ताकि एक आदमी का मान रह जाए। उस एक छोटे से इशारे ने इज्ज़त बचा ली, और उस इज्ज़त ने... एक दिल को टूटने से बचा लिया।
एक आदमी बड़े दावे से कहता था कि 'अजीब घटनाएँ' नाम की कोई चीज़ नहीं होती। तभी एक फरिश्ता सामने आया, जिसने इस बात को एक चुनौती समझ लिया। उस फरिश्ते ने उसे ऐसी मुसीबतों में डाला कि उसकी हड्डियाँ भी टूट गईं और उसका वहम भी। कभी जलता हुआ घर, तो कभी हवा में भागता गुब्बारा। उसने बुरी तरह चोट खाकर यह सीखा कि वह भले ही अजीब घटनाओं पर यकीन नहीं करता, पर अजीब घटनाएँ उस पर पूरा यकीन करती हैं।
बोस्टन की उस कड़ाके की सर्द रात में, भीड़ एक ब्रिटिश सिपाही को उकसाने के लिए जमा हुई। वो उन पर बर्फ भी फेंक रहे थे, और गालियाँ भी; पर उन्हें खबर नहीं थी कि वे अनजाने में इतिहास की चौखट पर खड़े हैं। शोरगुल के बीच अचानक एक आदेश गूँजा, जिसने उस मामूली हंगामे को... एक बड़ी क्रांति में बदल दिया। इस दर्दनाक किस्से में लोगों ने जाना कि बर्फ पिघल जाती है, खून सूख जाता है, पर यादें... हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं।
स्काई नदी के उस पार एक गाँव है, जहाँ बिल्लियाँ बहुत सयानी हैं, पर हर कोई उनकी ताकत को नहीं मानता। जब बंजारों का एक रहस्यमयी काफ़िला वहाँ आया, तो दबी हुई दुश्मनी अचानक खुलकर सामने आ गई। नतीजा? एक ऐसी रात जिसने उस गाँव का नक्शा ही बदल दिया। गवाह बनिए उस अजीब कानून के जन्म का, जिसके पीछे था एक बच्चे का आँसू, एक अजीब सी दुआ, और एक खौफनाक बदला।
एक आदमी अपने दोस्त को ढूँढने गया था, पर एक महा-पकाऊ इंसान के हत्थे चढ़ गया। बूढ़े साइमन व्हीलर ने उसे ऐसे कोने में दबोचा कि उसका वक्त भी बर्बाद किया, और मानसिक संतुलन भी। उसने जबरदस्ती उसे एक मेंढक जिसका नाम डेनियल वेबस्टर था की एक बेहद 'गंभीर' दास्तान सुनाई। यह एक ऐसी मजेदार कहानी है जहाँ मेंढक एक खिलाड़ी है, जुआरी एक नंबर का उल्लू है, और सुनने वाला... बेचारा बुरी तरह फँसा हुआ है।
एक वहमी आदमी एक किताब पढ़ रहा था, और उसे लगा कि उसने एलियंस के हमले का पक्का सुराग ढूँढ लिया है। किताब में ऐसे जीवों का ज़िक्र था जो अपना शरीर अलग कर सकते हैं और अपनी आँखें यहाँ-वहाँ चला सकते हैं। वह खौफ से थर-थर काँप उठा, उसे यकीन हो गया कि धरती का अंत अब तय है। लेकिन ज़रा सोचिए क्या यह दो दुनियाओं का महायुद्ध था, या महज़ शब्दों का युद्ध?
साल की सबसे कड़ाके वाली रात थी, जब एक अकेली बच्ची ने दीवार पर माचिस की तीली जलाई। अचानक, वह ठंडा और बेजान पत्थर एक खिड़की में बदल गया, और उसे अंदर एक ऐसी दुनिया दिखी जो गर्मी और खुशियों से भरी थी। लेकिन बाहर हवा चीख रही थी, और उसकी उम्मीदें धीरे-धीरे खत्म हो रही थीं। वह दो दुनियाओं के बीच फँसकर रह गई एक तरफ वह अँधेरी सड़क जहाँ उसकी हकीकत थी, और दूसरी तरफ वह सुनहरा सपना जहाँ उसकी चाहत थी। अब सवाल यह है कि जब वह आखिरी तीली भी बुझ जाएगी, तो उस धुएँ के पीछे उसका क्या इंतज़ार कर रहा होगा?
तीन चोरों ने किंग्सपोर्ट के सन्नाटे और डरावने किस्सों को नज़रअंदाज़ कर दिया। उनका निशाना था एक कांपता हुआ बूढ़ा, जो सबसे अलग-थलग रहता था। उन्होंने उस बूढ़े को उसके कांपते हाथों से तौला। लेकिन वाटर स्ट्रीट वाले उस घर के अंदर कदम रखते ही बाज़ी पलट गई। वहाँ के अँधेरे में, उन लुटेरों को बहुत देर से यह बात समझ आई कि जवानी में घमंड होता है, लालच अंधा होता है, और बुढ़ापा... बेहद खौफनाक होता है।
अचानक आए एक बर्फीले तूफ़ान में दो लकड़हारे फँस गए, पर सुबह सिर्फ़ छोटे वाले की साँसें चल रही थीं। उसे ज़िंदगी बख्शी गई, बस एक कड़ी शर्त पर कि उसने उस रात जो देखा, वह कभी उसकी ज़ुबान पर नहीं आएगा। सालों बाद, जब उसकी दुनिया खुशहाल थी, तो वो जमी हुई याद पिघलकर उसके होठों तक आ गई। तब मिनोकिची ने एक भयानक सच जाना, वह सोचता था कि वह राज़ का पहरेदार है, पर असल में वह राज़ ही उसकी साँसों का पहरेदार था। यह कहानी उस कसम की है, जिसे निभाना ही ज़िंदगी थी, और तोड़ना... मौत।
यह संग्रह एम्ब्रोस बियर्स की सबसे डरावनी और दमदार कहानियों को एक साथ लाता है। वह डरावनी चीज़ों के उस्ताद थे और अमेरिकी गृहयुद्ध की भयानक सच्चाइयों पर लिखते थे। इसमें उनकी खास शैली दिखाई देती है, जहाँ कहानियाँ अपने गहरे व्यंग्य, मानसिक डर और चौंकाने वाले अंत के लिए मशहूर हैं।